परेशानियों के बाद भी अगर आप इस संदेश को नहीं पढ़ रहे हैं तो दुर्भाग्‍य आपका साथ नहीं छोड़ रहा है। बहुत ही प्रभावशाली ज्‍योतिषीय उपायों के बारे में जानिए और प्राप्‍त कीजिए। जीवन सही दिशा में शीघ्र जाएगा।

रोज की पूजा Daily Puja Vidhi के अनुसार करनी चाहिए। भारत देश में बहुत सारे ऐसे लोग हैं जो अपने दिन की शुरूआत भगवान की पूजा से करते हैं लेकिन आपको जानकर हैरानी होगी कि ऐसे बहुत कम लोग ही हैं जो पूजा को पूरी विधि अनुसार करते हों। तो

Remedy @ Rs. 999/- “Astroblog” का एक ऐसा प्रयास है जो सभी लोगों तक ज्‍योतिषीय उपायों को पहुंचाने के लिए शुरू किया गया है। इस सुविधा का इस्‍तेमाल करके आप केवल 999 रू. में राशि के अनुसार रुद्राक्ष या फिर राशि रत्‍न प्राप्‍त कर सकते हैं। इसके अलावा भी कई

छह मुखी रुद्राक्ष माला को साक्षात कार्तिकेय का स्वरूप माना गया है। इसे शत्रुंजय रुद्राक्ष भी कहा जाता है यह ब्रह्म हत्या जैसे पापों से मुक्ति देने वाला तथा संतान देने वाला होता है। इसे धारण करने से खोई हुई शक्तियाँ जागृत होती हैं। स्मरण शक्ति प्रबल होती है तथा

पांच मुखी रुद्राक्ष  माला कालाग्नि रुद्र का स्वरूप माना जाता है। यह पंच ब्रह्म एवं पंच तत्वों  का प्रतीक भी है। इस माला के जप से असाध्‍य चीजें भी प्राप्‍त की जा सकती हैं। जिनमें से कुछ निम्‍न हैं: 1: अकाल मृत्यु से बचने के लिए कुंडली में मारक ग्रह

चार मुखी रुद्राक्ष माला ब्रह्म स्वरुप होता है। इसे धारण करने से नर हत्या जैसा जघन्य पाप समाप्त होता है। चतुर्मुखी रुद्राक्ष माला धर्म, अर्थ काम एवं मोक्ष को प्रदान करता है। शिक्षा में सफलता व प्रतियोगी परीक्षा में बेहतर प्रदर्शन के लिए यह माला विशेष फल देती है। जिसकी

तीन मुखी रुद्राक्ष माला को अग्नि देव तथा त्रिदेवों का स्वरुप माना गया है। तीन मुखी रुद्राक्ष माला को धारण करने से ऐश्वर्य की प्राप्ति होती है तथा पापों का शमन होता है। सत्व, रज और तम- इन तीनों यानी त्रिगुणात्मक शक्तियों का स्वरूप यह भूत, भविष्य और वर्तमान का

दो मुखी रुद्राक्ष माला भगवान शिव और मां शक्ति का स्वरुप माना जाता है। इसमें अर्धनारीश्व का स्वरूप समाहित है तथा चन्द्र ग्रह को शुभ प्रभाव में प्रदान करता है व चंद्रमा की शीतलता प्राप्त होती है। शिवभक्तों को यह रुद्राक्ष  माला धारण करना अनुकूल है। यह तामसी वृत्तियों के

राशिचक्र की पांचवी राशि सिंह तत्‍व: अग्‍नी गुण: स्थिर रंग: लाल और नारंगी दिन: रविवार स्‍वामी ग्रह: सूर्य मित्र राशि: मेष धनु और मिथुन सिंह राशि के जातक व्‍यवहार कुशल होते हैं किन्‍तु अपने ऊपर इन्‍हें बहुत अभिमान होता है। इनका यह नेचर इन्‍हें प्रेम संबंधों में थोड़ा कमजोर बना

राशिचक्र की चौथी राशि कर्क तत्‍व: जल गुण: मूल रंग: सफेद और नारंगी दिन: सोमवार स्‍वामी ग्रह: चंद्रमा मित्र राशि: वृश्‍चिक मकर और मीन कर्क राशि के जातक अपने काम और व्‍यवहार से दूसरों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनते हैं। यह कल्‍पनाशील होते हैं और भावनात्‍मक रूप से बहुत